कोयल पर निबंध हिंदी में। Essay On Cuckoo In Hindi.

Essay On Cuckoo In Hindi

Essay On Cuckoo In Hindi.


1.प्रस्तावना 2.शारीरिक बनावट 3. शांत – स्वभाव 4.आवास एवं रहन-सहन 5.खानपान और जीवनकाल 6.निष्कर्ष

Essay On Cuckoo In Hindi

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प्रस्तावना-:
कोयल का रंग रूप काला होता है लेकिन उसकी आवाज मधुर और सुरीली होती है। यह भारत देश के झारखंड की राजकीय पंछी है।

शारीरिक बनावट-:
कोयल छोटे आकार की पंछी होती है। नर कोयल का रंग मादा कोयल से थोड़ा सा अलग होता है लेकिन शारीरिक बनावट दोनों की समान होती है।इसके शरीर का वजन 800 ग्राम तक हो सकता है।इसकी लंबाई 10 इंच तक होती है।

कोयल हवा में उड़ने वाला फुर्तीला पंछी है। नर कोयल के काले रंग की अपेक्षा मादा कोयल के पंखों का रंग हल्का भूरा होता है। कोयल और कौवे में काफी अधिक समानताएं होती हैं। कोयल की आंखे लाल रंग की होती है। कोयल कौवे की अपेक्षा थोड़ी मोटी और काली होती है।नर कोयल की आवाज अधिक मीठी और सुरीली होती है।

Essay On Cuckoo In Hindi.

शांत-स्वभाव-:
कोयल शांत स्वभाव की पंछी है। यह हमेशा पेड़ों की पत्तियों और टहनियों में छिपकर बैठती है ।यह स्वभाव से शर्मीली होती है।यह बहुत ही कम दिखती है लेकिन। इसकी आवाज बहुत अधिक सुनाई देती है।

सभी पंछियों की चहचहाहट कोयल की आवाज मधुर एवं स्वर मय होती है। जब कोयल कुहू कुहू की आवाज निकलती है तो इसकी आवाज और अधिक स्वर मय हो जाती है।इसकी स्वर मय आवाज को सुनकर लोग कोयल को देखने के लिए लालायत होते हैं लेकिन कोयल घनी झाड़ियों और पेड़ पौंधों की पत्तियों में छिपकर बैठती है।

आवास एवं रहन-सहन-:
कोयल पंछी भारत में सबसे अधिक पाये जाते हैं। इसकी आवाज को घने जंगलों और कम आबादी वाले क्षेत्रों में आसानी से सुना जा सकता है। कोयल अपने अंडे खुद के घोंसले में न देकर कौवे के घोंसले में देती है।

कोयल शर्मीली होने के साथ साथ ही बहुत चालाक भी होती है। मादा कोयल प्रजनन के समय पर अपने अंडे कौवे के अंडों में रख देती है और तुरंत वहां से गायब हो जाती है जिससे कौवे को कुछ भी पता न चल सके।कौवा कोयल के अंडों को अपने अंडे समझकर सेता है।

कोयल और कौवे के बच्चे एक जैसे ही होते हैं। कोयल के बच्चों का पालन पोषण कौवे ही करते हैं ।बच्चे बड़े होने के बाद वापिस अपने कोयल अपने पंछियों में जाकर मिल जाते हैं।

खान-पान एवं जीवनकाल-:
कोयल एक कीट भक्षक पंछी है। ये अपने भोजन के रूप में कीड़े मकोड़े, कीट पतंगे, तितलियां आदि खाना पसंद करते हैं।

कोयल हमेशा जंगलों मे ही रहना पसंद करती है।इसका औसतन जीवनकाल लगभग 5 6 वर्ष तक होता है।

निष्कर्ष-:
कोयल की सम्पूर्ण विश्व में 100 से अधिक प्रजातियां पायी जाती हैं। कोयल शरीर से काली एवं मधुर आवाज निकालने वाला पंछी है। मादा कोयल की अपेक्षा नर कोयल की आवाज सबसे अधिक सुरीली होती है।

ये पंछी मीठी बोली के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध होता है। ये पंछी मधुर स्वर का प्रतीक होता है। कोयल और कौवा एक दूसरे के शत्रु होते है।

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