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शिक्षा पर निबंध हिंदी में। Essay On Education In Hindi.

Essay On Education In Hindi.

प्रस्तावना-:

शिक्षा मनुष्य के मूल विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा ही मनुष्य के जीवन का आधार स्तंभ होती है। शिक्षा स्वस्थ मस्तिष्क में रहकर खुशहाल जीवन का निर्माण करती है।

Essay On Education In Hindi.

Essay On Education In Hindi.

शिक्षित व्यक्ति ही इस संसार में सबसे महान और सर्वश्रेष्ठ बन सकता है। इस संसार में अशिक्षित व्यक्ति पशु समान होता है। शिक्षा के माध्यम से ही मनुष्य के अंदर सोचने, समझने, सीखने की क्षमता में तीव्र गति से वृद्धि होती है। शिक्षित व्यक्ति सर्वगुण संपन्न होता है।
प्रारम्भिक शिक्षा-:
यह शिक्षा हमें अपने माता पिता के द्वारा प्राप्त होती है।उनके द्वारा हमें बचपन में ही रहन सहन, खान पान आदि जरूरी बातों को सिखाया जाता है। सर्वप्रथम गुरु एवं मार्गदर्शक हमारे माता पिता ही होते हैं। माता पिता के द्वारा ही हमें सही-गलत, और अच्छे बुरे के फर्क को समझाया जाता है ।इस प्रकार हम सब को जरूरि शिक्षा माता पिता के द्वारा सिखायी जाती है।

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शिक्षा के प्रकार-:
शिक्षा मुख्यतः तीन प्रकार की होती है।1.प्रारंभिक शिक्षा 2.माध्यमिक शिक्षा 3. उच्च माध्यमिक शिक्षा।
01.प्रारंभिक शिक्षा-:
प्रारंभिक शिक्षा शैक्षिक जीवन का आधार स्तंभ होती है। ये ।मनुष्य के जीवन में हर प्रकार से काम आती है ।

02.माध्यमिक शिक्षा-:
इस शिक्षा के माध्यम से छात्र को आगे की शिक्षा का रास्ता चुनना होता है। इस शिक्षा के द्वारा छात्रों को सभी प्रकार की जानकारियां दी जाती है। माध्यमिक शिक्षा शिक्षा की मुख्य रीढ़ होती है।
03.उच्च माध्यमिक शिक्षा-:
ये शिक्षा छात्र के सम्पूर्ण जीवन काल तक काम आती है। इस शिक्षा के द्वारा छात्र के भविष्य का निर्माण होता है।

किसी भी देश को विकसित होने के लिए उस देश के लोगों का शिक्षित होना बहुत जरुरी है। शिक्षित व्यक्ति कठिन से कठिन कार्य को बड़ी ही आसानी के साथ कर लेता है। शिक्षा से मनुष्य का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ता है।

शिक्षा एक ऐसा धन है जो बांटने पर घटने की वजय बढता है।शिक्षा से सोचने, समझने और सीखने की शक्ति बढ़ती है।
शिक्षित व्यक्ति असंभव कार्य को भी अपनी मेहनत और लगन के कारण संभव बना सकता है।

शिक्षा ही इस संसार की सबसे बड़ी शक्ति है। आज के युग में हर व्यक्ति शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा के द्वारा मनुष्य के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होता है। वर्तमान युग में अशिक्षित व्यक्ति का जीवन काल नर्क के समान होता है वह अशिक्षित होने के कारण अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण नहीं कर सकता है।

शिक्षा पर निबंध हिंदी में

वह शासन के द्वारा भेजे गए पत्र औऱ अन्य जरूरी कागजात को नहीं पड़ सकता है। वह सरकारी लाभ लेने में असमर्थ रहता है क्योंकि वह अनपढ़ होने के कारण सरकारी लाभ की जानकारी नहीं प्राप्त कर सकता है। वह सरकारी लाभ से वंचित रह जाता है।

अशिक्षित होने के कारण वह शिक्षा के महत्व को समझने में असमर्थ रहता है।

इस प्रकार अशिक्षित व्यक्ति का जीवन काल संघर्ष मय रहता है। सभी समाजों, जातियों और वर्गों के लोगों के लिये शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षित व्यक्ति ही अच्छे-बुरे,सही-ग़लत और वैध-अवैध के फ़र्क को सही तरीके से समझ पाता है।

एक शिक्षित व्यक्ति उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपने परिवार ,समाज और अपने देश को तरक्की की नई ऊंचाइयों पर लेकर जाता है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करके हम एक डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक बन सकते हैं और अपने देश के उज्ज्वल भविष्य में अपना योगदान दे सकते हैं।

जब एक शिक्षित व्यक्ति किसी भी असंभव से नए कार्य को करता है तो उसके माता पिता, परिवार, समाज, धर्म और देश का नाम सम्पूर्ण विश्व पटल पर उभर कर आता है।

भारत में शिक्षा कई माध्यमों से प्राप्त की जाती है ।शिक्षा प्राप्त करने का सभी का सामान अधिकार होता है। हमें अपने परिवार के सभी सदस्यों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए।

हमारे देश की सरकार 5 वर्ष से15 वर्ष तक के छात्रों को मुफ़्त शिक्षा उपलब्ध करवाती है जिससे सभी समाज के लोगों को अच्छी शिक्षा प्राप्त हो सके।

आजकल हमारे देश में शिक्षा का बाजारीकरण हो रहा है। कुछ शिक्षण संस्थान शिक्षा के नाम पर अधिक फीस वसूल करते हैं जिससे गरीब पिछड़े, अति पिछड़े समाज के लोगों को उच्च शिक्षा का लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है। हमारे देश की सरकार को शिक्षा के बाजारीकरण को रोकना चाहिए।

शिक्षा की उपयोगिता-:

शिक्षा मनुष्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी होती है ।शिक्षा की उपयोगिता का वर्णन हम सब्दों में नहीं कर सकते हैं क्योंकि शिक्षा मनुष्य के हर एक कदम पर काम आती है।

शिक्षा जीवन भर चलने वाली एक सतत प्रक्रिया होती है। यह प्रक्रिया सोचने, समझने और सीखने की शक्ति को प्रदर्शित करती है। एक शिक्षित व्यक्ति सकारात्मक और नकारात्मक की प्रक्रिया का सही आंकलन कर सकता है। शिक्षित व्यक्ति का समाज में बहुत ही मान सम्मान होता है। शिक्षा सभी के लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण होती है।
निष्कर्ष-:

शिक्षा सम्पूर्ण मानव जाति के अच्छे भविष्य के लिए सहायक सिद्ध होती है। शिक्षा एक अमूल्य धन होता है जिसका कोई बंटबारा नहीं होता है।

शिक्षा बांटने पर बढ़ती है। शिक्षा को कोई भी चुरा नहीं सकता है। शिक्षा किसी को भी आदर्शवादी, शक्तिशाली बना सकती है। शिक्षा मनुष्य का निजी धन है जिस पर किसी का अधिकार नहीं होता है।

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