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बकरी पर निबंध हिंदी में। Essay On Goat in Hindi

Essay On Goat in Hindi.

Essay  On Goat in  Hindi

प्रस्तावना-:
बकरी मनुष्य के लिए पूर्णतः उपयोगी पशु है। इसका मनुष्यों के द्वारा पालन पोषण किया जाता है। ये सम्पूर्ण विश्व में पाये जाने वाला जानवर है।बकरी एक स्तनधारी पालतू प्राणी है।इसकी विश्व में कई प्रकार की प्रजातियां पायी जाती हैं।भारत एक कृषि प्रधान देश है।

इसकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था में कृषि और पशु पालन का सर्वाधिक महत्व है।बकरी पालन पशु पालन के अंतर्गत आता है।
आज के समय मे बकरी पालन एक लोकप्रिय व्यवसाय बन चुका है। इसका पालन सभी वर्गों के लोगों के द्वारा बड़ी आसानी से किया जा सकता है। बकरी सबसे डरपोक पशु है।

शारीरिक रंग रूप-:
बकरी भिन्न भिन्न स्थानों पर भिन्न भिन्न रंग रूपों में पायी जाती है।इसमें सभी प्रकार के मौसमों को सहन करने की क्षमता होती है।इसके चार पैर दो आंखे दो कान और एक पूंछ होती है।इसके दो थन होते हैं।इसका शारीरिक वजन 20 किलोग्राम तक हो सकता है।

बकरी के दो सींग भी होते हैं। बकरी अपने सीगों का प्रयोग आत्मरक्षा की स्थिति में करती है। बकरी के खुर ठोस और दो भागों में विभक्त होते हैं।इसके सम्पूर्ण शरीर पर बाल पाए जाते हैं ।बकरी की अपेक्षा नर बकरा बहुत ही हष्ट पुष्ट होता है। इसका शरीर बहुत ही मजबूत और सुदृण होता है।इसके शरीर का रंग विशेषकर काला सफेद भूरा और लाल होता है।

रहन सहन-:
बकरी हमेशा झुंडों में रहना पसंद करती है।इसका रहन सहन बहुत ही सामान्य होता है। ये आमतौर पर मनुष्यों के बीच रहती है।इसमें सभी प्रकार के जलवायु परिवर्तन को सहन करने की क्षमता होती है। बकरी के गर्भ काल का समय छः माह का होता है।यह वर्ष भर में दो बार प्रजनन करती है।

इसके बच्चों की संख्या इसकी प्रजाति पर निर्भर करती है।ये एक बार में 4 से 5 बच्चों को जन्म देती है।इसके बच्चे जन्म के कुछ समय पश्चात ही चलना फिरना आरम्भ कर देते हैं।वैसे तो बकरी बहुत ही डरपोक पशु है लेकिन अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी से भी भिड़ सकती है।बकरी में वंश वृद्धि की क्षमता अन्य पशुओं की अपेक्षा अधिक होती है।इनके रहने के स्थान को घेर या बाडा कहते हैं।

बकरी का भोजन-:
बकरियों का पसंदीदा भोजन हरा चारा ही होता है।इनका भोजन हरा चारा सब्जियां और अनाज होता है। बकरी पूर्णतः शाकाहारी जानवर है।इनको मुख्यतः किसानों के द्वारा पाला पोसा जाता है ।इनका खान पान किसानों पर ही निर्भर करता है। बकरियां हरा चारा खाने के साथ साथ ही अनाज खाने के भी शौकीन होती हैं। कभी कभी बकरियों की अधिक अनाज खाने के कारण म्रत्यु हो जाती है।

जीवनकाल-:
बकरी का सामान्यतः जीवन काल 10 वर्षों तक होता है लेकिन व्यवसायिक बकरियों का भोजन के रूप में प्रयोग होने के कारण कुछ माह तक ही जीवित रह पाती हैं क्योंकि इनको 7 से 8 माह के बाद भोजन के रूप में इस्तेमाल कर लिया जाता है।ये अपना सम्पूर्ण जीवन काल मनुष्यों के बीच रहकर ही व्यतीत करती हैं।

निष्कर्ष-:
बकरी एक घरेलू पालतू पशु है। इनका अधिकतम प्रयोग पशुपालन के रूप में किया जाता है।बकरी पालन मध्यम निम्न वर्गों के लोगों का मुख्य व्यावसायिक साधन है। बकरी से हमें दूध दही मांस प्राप्त होता है। इसके बालों का प्रयोग कई प्रकार के ऊनी वस्त्रों को बनाने में किया जाता है।इसका दूध बहुत ही गुणकारी और पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है।

बकरी का दूध बच्चों के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। बकरियों से हमें खाद प्राप्त होता है।जिसको खेतों में डालने से खेतों में पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है और भूमि की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होती है। बकरी का दूध कई प्रकार के रोगों में गुणकारी साबित होता है। इसका मुस्लिम धर्म में भी विशेष महत्व होता है। मुस्लिम समुदाय के लोग बकरी ईद के नाम से एक विशेष त्योहार मनाते हैं जिसे बकरी ईद कहते हैं।

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