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गौरैया पर निबंध हिंदी में। Essay On Sparrow In Hindi.

Essay On Sparrow In Hindi.

Essay On Sparrow In Hindi.


1.प्रस्तावना 2. शारीरिक रंग रूप 3.रहन-सहन 4.गौरैया का भोजन 5. गौरैया का जीवनकाल 6. निष्कर्ष


प्रस्तावना-:
गौरैया सभी जगहों पर पाये जाने वाला साधारण सा पंछी है। यह सभी स्थानों पर आसानी से दिख जाने वाली चिड़िया है।यह आकार में छोटी और सुंदर होती है। यह विश्व के सभी देशों में पायी जाती है।यह आमतौर पर इंसानों के बीच रहना सबसे अधिक पसंद करती है। यह घरों के आस पास छत और पेड़ों पर आसानी से दिख जाती है।

आधुनिक युग में यह चिड़िया विलुप्त होती जा रही है। घरों के आधुनिकीकरण, पेड़ों की कटाई, फसलों में कीटनाशक छिड़काव और बढ़ते हुए औद्योगिक प्रदूषण के कारण ये चिड़िया विलुप्ती के कगार पर है।पंछी प्रकृती की शोभा को बढ़ाते हैं।हमे पंछियों को सुरक्षित रखने के लिए घरों की छतों पर पानी से भरे वर्तन और अनाज के दाने डालने चाहिए। इस प्रकार इन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सकता है।

Essay On Sparrow In Hindi.

शारीरिक रंग रूप-:.
ये छोटे आकार की सुंदर और आकर्षक चिड़िया है।इसके शरीर की लंबाई लगभग 11 से 14 सेमी. तक लंबी होती है।इसका शरीर पंखों से ढका हुआ होता है।इसकी पीले रंग की चोंच आकार में छोटी और मजबूत होती है।इसके पंखों का रंग हल्का चॉकलेटी होता है। बाकी शरीर का रंग सफेद होता है।इसकी आंखें गोल और काली होती है।

रहन-सहन-:
गौरैया चिड़िया अपना घोंसला छोटे पेड़ों और घरों की छतों आदि पर बनाती है। यह एक भोली भाली चिड़िया है जो इंसानों के मध्य रहना पसंद करती है।ये चिड़िया झुंड में रहना सबसे अधिक पसंद करती है। इनकी पसंदीदा जगह मनुष्यों के घर, झोपड़ियां एवं छोटे पेड़ पौधे होते हैं।जिसमे सभी मौसमों को सहन करने की क्षमता होती है। नर गौरैया अधिक आकर्षक होता है।प्रजनन काल में मादा गौरैया 2 से 3 तक अंडे देती है।इसके अंडे सफेद और छोटे होते हैं।मादा गौरैया अपने अंडे सेती है जिनसे 20 दिन बाद बच्चे बाहर निकलते हैं। गौरैया चिड़िया चीं चीं की मधुर आवाज निकलती है। यह सभी सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी आसानी से दिख जाती है।

गौरैया का भोजन-:
यह सर्वाहारी चिड़िया होती है। यह भोजन की तलाश में कई किलोमीटर तक का सफर तय कर लेती है। इसका सामान्यतः भोजन अनाज के दाने, कीड़े मकोड़े, फलों के बीज इत्यादि होता है। यह पानी के आस पास भी रहना पसंद करती है।गौरैया चिड़िया पकी हुई पसलों से अनाज के दाने खाने की शौकीन होती है।ये पहाड़ी इलाकों और बर्फीले क्षेत्रों में कम पायी जाती है।

गौरैया का जीवनकाल-:
गौरैया चिड़िया का औसतन जीवनकाल लगभग 4 वर्षों तक तक होता है।गौरैया के लिए बिजली के तार सबसे ज्यादा घातक सिद्ध होते हैं। फसलों पर कीटनाशक छिड़काव भी इनके लिये म्रत्यु का कारन बन जाता है।

निष्कर्ष-:
गौरैया को बिलुप्त होने से बचाने के लिए सम्पूर्ण विश्व में 20 मार्च को गौरैया दिवस मनाया जाता है।इस दिन लोगों को गौरैया को बचाने के लिए जागरूक किया जाता है।हमे इस नन्ही सी चिड़िया को बचाने के लिए घरों के आस पास पानी से भरे बर्तन और अनाज के दाने रखने चाहिए।गौरैया पंछी का विलुप्त होने का सबसे बड़ा कारण अंधाधुंध पेड़ों की कटाई और तेजी के साथ बढ़ता हुआ औद्योगिक प्रदूषण है।

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